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भारतीय राजव्यवस्था, रोहित यादव सर द्वारा : यूपीएससी परीक्षा हेतु हिंदी पीडीऍफ़ बुक | Indian Polity By Rohit Yadav Sir : For UPSC Exam Hindi PDF Book

भारतीय राजव्यवस्था, रोहित यादव सर द्वारा : यूपीएससी परीक्षा हेतु हिंदी पीडीऍफ़ बुक | Indian Polity By Rohit Yadav Sir : For UPSC Exam Hindi PDF Book

Indian Polity By Rohit Yadav Sir : For UPSC Exam Hindi PDF Book




Pustak Ka Naam / Name of Book :  भारतीय राजव्यवस्था  /  Indian Polity
Pustak Ki Bhasha / Language of Book :  हिंदी / Hindi

Pustak Ka Akar / Size of Ebook : 2.6 MB

Pustak Mein Kul Prashth / Total pages in ebook : 92

Pustak Download Sthiti / Ebook Downloading Status  : Fast

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Hope This  Indian Polity will Step up you to Succeed / आशा करते हैं  भारतीय राजव्यवस्था आपके कदम सफलता की ओर ले जायगी

  UPSC Competitive Exams Notes In  PDF Download

यहाँ हमने इस बुक मे उपलब्ध content का Description दिया है जिस से आप पुस्तक / नोट्स के विषय मे अच्छे से समझ सकें। यदि आप  UPSC Competitive Exams की तैयारी कर रहे हैं तो ये किताब आपकी परीक्षा में बहुत उपयोगी है क्योंकि सभी भारतीय राजव्यवस्था /  Indian Polity संबंधित प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं

अनुच्छेद 1- इंडिया यानी भारत बजाय राज्यों के समूह के 'राज्यों का संघ' होगा। 
अनुच्छेद 1 के अनुसार भारतीय क्षेत्र को तीन श्रेणियों में बाँटा जा सकता है। 
1). राज्यों का क्षेत्र 
2). संघ का क्षेत्र 
3). ऐसे क्षेत्र जिन्हें किसी भी समय भारत सरकार द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है।
अनुच्छेद 2- संसद को यह शक्ति दी गई है कि संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी।
अनुच्छेद 3- अनुच्छेद 3 संसद को अधिकृत करता है कि 
(a) किसी राज्य में से उसका राज्य क्षेत्र अलग करके अथवा दो या अधिक राज्यों की या राज्यों के भागों को मिलाकर अथवा किसी राज्यक्षेत्र को किसी राज्य के भाग के साथ मिलकर नए राज्य का निर्माण कर सकेगी; 
(b) किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाना; 
(c) किसी राज्य के क्षेत्र को घटाना; 
(d) किसी राज्य की सीमाओं में परिवर्तन करना; और 
(e) किसी राज्य के नाम में परिवर्तन करना। 
अनुच्छेद 3 के अंतर्गत 2 शर्ते दी गई हैं: 
1. अनुच्छेद 3 से संबंधित विधेयक केवल राष्ट्रपति की पूर्ण मंजूरी के बाद ही संसद में पेश किया जा सकता है। 
2. मंजूरी से पूर्व राष्ट्रपति उस विधेयक को संबंधित राज्य के विधानमंडल का मत जानने के लिए भेजता है। यह मत
निश्चित सीमा के अंदर दिया जाना चाहिए। 
अनुच्छेद 4- अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 संविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संशोधन नहीं माने जाएगें अर्थात् इन्हें साधारण बहुमत से पारित किया जा सकता है।
ऊपर दिए गए सभी Chapters / Topics इस पुस्तक में उपलब्ध हैं भारतीय राजव्यवस्था /  Indian Polity इस पुस्तक का केन्द्रीय विषय है जो सभी Competitive Exams के लिए महत्वपूर्ण है।

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One Quotation / एक उद्धरण

“अपने बच्चों को उनके किशोरवय के बच्चों को पालते हुए देखने से ज़्यादा संतोषप्रद बहुत कम चीज़ें होती हैं।”
डग लार्सन
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“Few things are more satisfying than seeing your children have teenagers of their own.”
Doug Larson

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